Pages

Friday, 17 July 2009

लक्ष्य से बहुत आगे निकल गये शिव भक्त

लक्ष्य से बहुत आगे निकल गये शिव भक्त
Jul 16, 10:30 pm
चित्रकूट। दस दिनों तक लोगों को शिव भक्ति के रंग में रंगने वाला संकल्प पूर्ति महा महोत्सव गुरुवार को पूरा हो गया। यहां के लोग भी भोले बाबा की भक्ति में इस कदर डूबे कि उन्होंने सवा पांच करोड़ शिवलिंग बनाने के लक्ष्य को बहुत पीछे छोड़ दिया। इस महोत्सव में 9 करोड़, 54 लाख, 58 हजार, 633 पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण हुआ।
महोत्सव के अंतिम दिन आचार्य देव प्रभाकर शास्त्री ने अपने आधे घंटे के उद्बोधन में कहा कि गुरु की आज्ञा को शिरोधार्य कर उन्होंने 9 के अंक के साथ ही चित्रकूट की इस पावन धरती पर अपनी महारुद्र निर्माण की यात्रा को विराम देने का निश्चय किया। हालांकि माता, पिता और गुरु के बाद पुत्र ऋण के कारण वे अभी ऐसा पूरी तौर पर नही कर पा रहे हैं। शिष्यों की इच्छा पर पार्थिव शिव लिंगों के निर्माण की प्रक्रिया लगातार देश के विभिन्न भागों में चलती रहेगी। कहा कि कर्म, धर्म और अर्पण का भाव अगर हो तो प्रभु को पूजने के लिए मंदिर जाना पड़ेगा पर समर्पण का भाव होने पर प्रभु खुद घर में बने मंदिर में विराजमान हो जायेंगे। नरसिंग मेहता, संत तुकाराम, विट्ठल नाथ, नामदेव जैसे तमाम उदाहरण देकर बताया कि समर्पण ही भक्ति की पराकाष्ठा है। अभिमान की शून्यता व्यक्ति को परमात्मा के नजदीक ले जाने का प्रमुख माध्यम है। मन की शून्यता और शुद्धता पाकर प्रभु स्वयं ही भक्त के पास चले आते हैं। हनुमान और प्रहलाद जैसे तमाम उदाहरण हैं जहां भगवान से भक्त काफी बढ़ा हो सकता है। उन्होंने कहा कि मन के अहंकार को तन तक लाने का प्रयास करना चाहिये जिससे मकान के किनारे आने पर बेकार की वस्तु को धक्का मारकर बाहर किया जा सके। इसके पूर्व उन्होंने पद्मश्री नाना जी देशमुख को शाल और श्री फल देकर सम्मानित किया। इस दौरान जिलाधिकारी हृदेश कुमार व सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट के ट्रस्टी राम भाई गोकानी को भी शाल श्री फल सौंपा गया।

No comments:

Post a Comment