Jul 16, 10:29 pm
चित्रकूट। सात भाइयों और पांच बहनों के परिवार वाले को जब सात लाख भाई बहन मिल जायें तो हाल क्या होगा ? वह अपने आपको रोक नही पाये और गला रुंध गया। संकल्प पूर्ति महा महोत्सव की अंतिम वेला पर सभी गण मान्यों को सम्मानित करने के और सबका आभार प्रकट करने के बाद जब नम्बर सभी गुरु भाइयों व बहिनों से बात का अवसर आया तो फिल्म स्टार आशुतोष राणा का गला मंच पर ही भर आया। तीन से चार बार बोलने का प्रयास किया पर वे सफल हो न सके। आंसू भी छिपाने का प्रयास किया पर वे भी सभी को दिख ही गये। उन्होंने कहा कि मुझे अपने परिवार में सात भाई और पांच बहनें मिली पर दद्दा जी हमें सात लाख भाई और बहन दे दिये। इसकी खुशी शब्दों में बयान नही की जा सकती।
उन्होंने कहा कि जैसे माला 108 मनकों की होती है वैसे ही यज्ञों की श्रंखला भी कम से कम 108 तक पहुंचनी चाहिये। 45 यज्ञों में इन्हें विश्राम न दें। उन्होंने कहा कि आज की तारीख में पैंतालीस पार्थिव महारुद्र निर्माण की प्रक्रिया में अब तक 1 अरब 19 करोड़, 23 लाख, 93 हजार और 674 पार्थिव शिव लिंगों का निर्माण हो चुका है। बताया कि अभी तक के हुये केवल एक यज्ञ में उन्होंने आहुति नही डाली बाकी सभी चौवालीस यज्ञों में आहुति डालने का काम उन्होंने किया।
इस दौरान फिल्म अभिनेता राज पाल यादव ने भी विचार व्यक्त करते हुये कहा कि उनकी सफलता की कहानी दद्दा जी के शिष्य बनने के बाद से शुरु हुई। वर्ष 1999 में उन्होंने दद्दा जी से दीक्षा ली और उसी समय जंगल मिली और उस जंगल फिल्म ने उनके जीवन में मंगल कर दिया। इस दौरान दद्दा जी के पुत्र प्रो. अनिल त्रिपाठी, विधायक संजय पाठक आदि ने भी संबोधित किया। जिलाधिकारी ह्देश कुमार ने भी संबोधित किया।
इसके पूर्व रोजाना की तरह की शिव लिंगों के निर्माण का काम जारी रहा। लोगों ने बड़ी संख्या में जाकर पार्थिव शिव लिंगों का निर्माण किया। बाद में उनका विसर्जन किया गया।
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